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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.53
(21 verses)
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Sanskrit Text
विप्रियं
ह्याचरन्मर्त्यो
देवानां
मृत्युमृच्छति
।
त्राहि
मामनवद्याङ्गि
वरयस्व
सुरोत्तमान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
विप्रियं | हि + आचर् | मर्त्यो | देवानां | मृत्युम् | ऋच्छति
त्राहि | माम् | अनवद्य + अङ्ग | वरयस्व | सुर + उत्तम
त्राहि | माम् | अनवद्य + अङ्ग | वरयस्व | सुर + उत्तम