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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.5
(20 verses)
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Sanskrit Text
इदं
त्विदानीं
कुत
एव
निश्चितं;
तेषामर्थे
पाण्डवानां
यदात्थ
।
तेनाद्य
मन्ये
नासि
हितो
ममेति;
कथं
हि
पुत्रं
पाण्डवार्थे
त्यजेयम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इदं | तु + इदानीम् | कुत | एव | निश्चितं | तेषाम् | अर्थे | पाण्डवानां | यद् | आत्थ
तद् + अद्य | मन्ये | न + अस् | हितो | मद् + इति | कथं | हि | पुत्रं | पाण्डव + अर्थ | त्यजेयम्
तद् + अद्य | मन्ये | न + अस् | हितो | मद् + इति | कथं | हि | पुत्रं | पाण्डव + अर्थ | त्यजेयम्