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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.5
(20 verses)
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Sanskrit Text
एतद्वाक्यं
विदुर
यत्ते
सभाया;मिह
प्रोक्तं
पाण्डवान्प्राप्य
मां
च
।
हितं
तेषामहितं
मामकाना;मेतत्सर्वं
मम
नोपैति
चेतः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एतद् | वाक्यं | विदुर | यत् | ते | सभायाम् | इह | प्रोक्तं | पाण्डवान् | प्राप्य | मां | च
हितं | तेषाम् | अहितं | मामकानाम् | एतत् | सर्वं | मम | न + उपे | चेतः
हितं | तेषाम् | अहितं | मामकानाम् | एतत् | सर्वं | मम | न + उपे | चेतः