Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.44
(32 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
स
तद्दिव्यं
वनं
पश्यन्दिव्यगीतनिनादितम्
।
प्रविवेश
महाबाहुः
शक्रस्य
दयितां
पुरीम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | तद् | दिव्यं | वनं | पश्यन् | दिव्य + गीत + निनादय्
प्रविवेश | महत् + बाहु | शक्रस्य | दयितां | पुरीम्
प्रविवेश | महत् + बाहु | शक्रस्य | दयितां | पुरीम्