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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.44
(32 verses)
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Sanskrit Text
तान्सर्वान्स
समागम्य
विधिवत्कुरुनन्दनः
।
ततोऽपश्यद्देवराजं
शतक्रतुमरिंदमम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तान् | सर्वान् | स | समागम्य | विधिवत् | कुरु + नन्दन
ततो | ऽपश्यद् | देवराजं | शतक्रतुम् | अरिंदमम्
ततो | ऽपश्यद् | देवराजं | शतक्रतुम् | अरिंदमम्