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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.41
(26 verses)
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Sanskrit Text
स्वर्गं
गच्छेत्यनुज्ञातस्त्र्यम्बकेन
तदार्जुनः
।
प्रणम्य
शिरसा
पार्थः
प्राञ्जलिर्देवमैक्षत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स्वर्गं | गम् + इति + अनुज्ञा | त्र्यम्बकेन | तदा + अर्जुन
प्रणम्य | शिरसा | पार्थः | प्राञ्जलिर् | देवम् | ऐक्षत
प्रणम्य | शिरसा | पार्थः | प्राञ्जलिर् | देवम् | ऐक्षत