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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.41
(26 verses)
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Sanskrit Text
भगवन्ददासि
चेन्मह्यं
कामं
प्रीत्या
वृषध्वज
।
कामये
दिव्यमस्त्रं
तद्घोरं
पाशुपतं
प्रभो
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भगवन् | ददासि | चेन् | मह्यं | कामं | प्रीत्या | वृषध्वज
कामये | दिव्यम् | अस्त्रं | तद् | घोरं | पाशुपतं | प्रभो
कामये | दिव्यम् | अस्त्रं | तद् | घोरं | पाशुपतं | प्रभो