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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.40
(61 verses)
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Sanskrit Text
को
भवानटते
शून्ये
वने
स्त्रीगणसंवृतः
।
न
त्वमस्मिन्वने
घोरे
बिभेषि
कनकप्रभ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
को | भवान् | अटते | शून्ये | वने | स्त्री + गण + संवृ
न | त्वम् | अस्मिन् | वने | घोरे | बिभेषि | कनक + प्रभा
न | त्वम् | अस्मिन् | वने | घोरे | बिभेषि | कनक + प्रभा