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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.38
(45 verses)
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Sanskrit Text
नैव
नः
पार्थ
भोगेषु
न
धने
नोत
जीविते
।
तुष्टिर्बुद्धिर्भवित्री
वा
त्वयि
दीर्घप्रवासिनि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न + एव | नः | पार्थ | भोगेषु | न | धने | न + उत | जीविते
तुष्टिर् | बुद्धिर् | भवित्री | वा | त्वयि | दीर्घ + प्रवासिन्
तुष्टिर् | बुद्धिर् | भवित्री | वा | त्वयि | दीर्घ + प्रवासिन्