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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.38
(45 verses)
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Sanskrit Text
तमुवाच
ततः
प्रीतः
स
द्विजः
प्रहसन्निव
।
वरं
वृणीष्व
भद्रं
ते
शक्रोऽहमरिसूदन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तम् | उवाच | ततः | प्रीतः | स | द्विजः | प्रहसन्न् | इव
वरं | वृणीष्व | भद्रं | ते | शक्रो | ऽहम् | अरि + सूदन
वरं | वृणीष्व | भद्रं | ते | शक्रो | ऽहम् | अरि + सूदन