Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.38
(45 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
नेहास्ति
धनुषा
कार्यं
न
संग्रामेण
कर्हिचित्
।
निक्षिपैतद्धनुस्तात
प्राप्तोऽसि
परमां
गतिम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न | संताप + त्वद् | कार्यः | प्राकृत + इव | कर्हिचित्
निक्षिप् + एतद् | धनुस् | तात | प्राप्तो | ऽसि | परमां | गतिम्
निक्षिप् + एतद् | धनुस् | तात | प्राप्तो | ऽसि | परमां | गतिम्