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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.38
(45 verses)
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Sanskrit Text
ततोऽपश्यत्सव्यसाची
वृक्षमूले
तपस्विनम्
।
ब्राह्म्या
श्रिया
दीप्यमानं
पिङ्गलं
जटिलं
कृशम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | ऽपश्यत् | सव्यसाची | वृक्ष + मूल | तपस्विनम्
ब्राह्म्या | श्रिया | दीप्यमाना | शुशुभे | विगम् + क्लम
ब्राह्म्या | श्रिया | दीप्यमाना | शुशुभे | विगम् + क्लम