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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.35
(21 verses)
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Sanskrit Text
स
नो
राजा
धृतराष्ट्रस्य
पुत्रो;
न्यपातयद्व्यसने
राज्यमिच्छन्
।
दास्यं
च
नोऽगमयद्भीमसेन;
यत्राभवच्छरणं
द्रौपदी
नः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | नो | राजा | धृतराष्ट्रस्य | पुत्रो | न्यपातयद् | व्यसने | राज्यम् | इच्छन्
दास्यं | च | नो | ऽगमयद् | भीमसेन | यत्र + भू + शरण | द्रौपदी | नः
दास्यं | च | नो | ऽगमयद् | भीमसेन | यत्र + भू + शरण | द्रौपदी | नः