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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.33
(58 verses)
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Sanskrit Text
एवं
संस्थितिका
सिद्धिरियं
लोकस्य
भारत
।
चित्रा
सिद्धिगतिः
प्रोक्ता
कालावस्थाविभागतः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एवं | संस्थितिका | सिद्धिर् | इयं | लोकस्य | भारत
चित्रा | सिद्धि + गति | प्रोक्ता | काल + अवस्था + विभाग
चित्रा | सिद्धि + गति | प्रोक्ता | काल + अवस्था + विभाग