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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.33
(58 verses)
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Sanskrit Text
देशकालावुपायांश्च
मङ्गलं
स्वस्ति
वृद्धये
।
युनक्ति
मेधया
धीरो
यथाशक्ति
यथाबलम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
देश + काल + उपाय | च | मङ्गलं | स्वस्ति | वृद्धये
युनक्ति | मेधया | धीरो | यथाशक्ति | यथाबलम्
युनक्ति | मेधया | धीरो | यथाशक्ति | यथाबलम्