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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.33
(58 verses)
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Sanskrit Text
बहूनां
समवाये
हि
भावानां
कर्म
सिध्यति
।
गुणाभावे
फलं
न्यूनं
भवत्यफलमेव
वा
।
अनारम्भे
तु
न
फलं
न
गुणो
दृश्यतेऽच्युत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
बहूनां | समवाये | हि | भावानां | कर्म | सिध्यति
गुण + अभाव | फलं | न्यूनं | भू + अफल | एव | वा
अनारम्भे | तु | न | फलं | न | गुणो | दृश्यते | ऽच्युत
गुण + अभाव | फलं | न्यूनं | भू + अफल | एव | वा
अनारम्भे | तु | न | फलं | न | गुणो | दृश्यते | ऽच्युत