Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.33
(58 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
अन्येषां
कर्म
सफलमस्माकमपि
वा
पुनः
।
विप्रकर्षेण
बुध्येत
कृतकर्मा
यथा
फलम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अन्येषां | कर्म | सफलम् | अस्माकम् | अपि | वा | पुनः
विप्रकर्षेण | बुध्येत | कृ + कर्मन् | यथा | फलम्
विप्रकर्षेण | बुध्येत | कृ + कर्मन् | यथा | फलम्