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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.33
(58 verses)
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Sanskrit Text
आ
मातृस्तनपानाच्च
यावच्छय्योपसर्पणम्
।
जङ्गमाः
कर्मणा
वृत्तिमाप्नुवन्ति
युधिष्ठिर
॥
Padaccheda (Word Analysis)
मातृ + स्तन + पान | च | यावत् + शय्या + उपसर्पण
जङ्गमाः | कर्मणा | वृत्तिम् | आप्नुवन्ति | युधिष्ठिर
जङ्गमाः | कर्मणा | वृत्तिम् | आप्नुवन्ति | युधिष्ठिर