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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.32
(40 verses)
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Sanskrit Text
आर्षं
प्रमाणमुत्क्रम्य
धर्मानपरिपालयन्
।
सर्वशास्त्रातिगो
मूढः
शं
जन्मसु
न
विन्दति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
आर्षं | प्रमाणम् | उत्क्रम्य | धर्मान् | अ + परिपालय्
सर्व + शास्त्र + अतिग | मूढः | शं | जन्मसु | न | विन्दति
सर्व + शास्त्र + अतिग | मूढः | शं | जन्मसु | न | विन्दति