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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.31
(42 verses)
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Sanskrit Text
यथा
वायोस्तृणाग्राणि
वशं
यान्ति
बलीयसः
।
धातुरेवं
वशं
यान्ति
सर्वभूतानि
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यथा | वायोस् | तृण + अग्र | वशं | यान्ति | बलीयसः
धातुर् | एवं | वशं | यान्ति | सर्व + भूत | भारत
धातुर् | एवं | वशं | यान्ति | सर्व + भूत | भारत