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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.31
(42 verses)
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Sanskrit Text
नात्माधीनो
मनुष्योऽयं
कालं
भवति
कंचन
।
स्रोतसो
मध्यमापन्नः
कूलाद्वृक्ष
इव
च्युतः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न + आत्मन् + अधीन | मनुष्यो | ऽयं | कालं | भवति | कंचन
स्रोतसो | मध्यम् | आपन्नः | कूलाद् | वृक्ष | इव | च्युतः
स्रोतसो | मध्यम् | आपन्नः | कूलाद् | वृक्ष | इव | च्युतः