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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.31
(42 verses)
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Sanskrit Text
ऋजोर्मृदोर्वदान्यस्य
ह्रीमतः
सत्यवादिनः
।
कथमक्षव्यसनजा
बुद्धिरापतिता
तव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ऋजोर् | मृदोर् | वद् + अन्य | ह्रीमतः | सत्य + वादिन्
कथम् | अक्ष + व्यसन + ज | बुद्धिर् | आपतिता | तव
कथम् | अक्ष + व्यसन + ज | बुद्धिर् | आपतिता | तव