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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.29
(35 verses)
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Sanskrit Text
क्षमा
स्विच्छ्रेयसी
तात
उताहो
तेज
इत्युत
।
एतन्मे
संशयं
तात
यथावद्ब्रूहि
पृच्छते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
क्षमा | स्विद् + श्रेयस् | तात | उत + अहो | तेज | इत्य् | उत
एतन् | मे | संशयं | तात | यथावद् | ब्रूहि | पृच्छते
एतन् | मे | संशयं | तात | यथावद् | ब्रूहि | पृच्छते