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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.28
(37 verses)
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Sanskrit Text
या
वै
त्वा
कौशिकैर्वस्त्रैः
शुभ्रैर्बहुधनैः
पुरा
।
दृष्टवत्यस्मि
राजेन्द्र
सा
त्वां
पश्यामि
चीरिणम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
या | वै | त्वा | कौशिकैर् | वस्त्रैः | शुभ्रैर् | बहु + धन | पुरा
दृश् + अस् | राजन् + इन्द्र | सा | त्वां | पश्यामि | चीरिणम्
दृश् + अस् | राजन् + इन्द्र | सा | त्वां | पश्यामि | चीरिणम्