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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.28
(37 verses)
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Sanskrit Text
सत्कृतं
विविधैर्यानैर्वस्त्रैरुच्चावचैस्तथा
।
तं
ते
वनगतं
दृष्ट्वा
कस्मान्मन्युर्न
वर्धते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सत्कृतं | विविधैर् | यानैर् | वस्त्रैर् | उच्चावचैस् | तथा
सुख + अर्ह | दुःखितं | दृष्ट्वा | कस्मान् | मन्युर् | न | वर्धते
सुख + अर्ह | दुःखितं | दृष्ट्वा | कस्मान् | मन्युर् | न | वर्धते