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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.274
(31 verses)
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Sanskrit Text
तं
बाणवर्यं
रामेण
ब्रह्मास्त्रेणाभिमन्त्रितम्
।
जहृषुर्देवगन्धर्वा
दृष्ट्वा
शक्रपुरोगमाः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तं | बाण + वर्य | रामेण | ब्रह्मास्त्र + अभिमन्त्रय्
जहृषुर् | देव + गन्धर्व | दृष्ट्वा | शक्र + पुरोगम
जहृषुर् | देव + गन्धर्व | दृष्ट्वा | शक्र + पुरोगम