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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.274
(31 verses)
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Sanskrit Text
तच्छूलमन्तरा
रामश्चिच्छेद
निशितैः
शरैः
।
तद्दृष्ट्वा
दुष्करं
कर्म
रावणं
भयमाविशत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अजिघांसन् | परान् | पार्थ + छिद् | निशितैः | शरैः
तद् | दृष्ट्वा | दुष्करं | कर्म | रावणं | भयम् | आविशत्
तद् | दृष्ट्वा | दुष्करं | कर्म | रावणं | भयम् | आविशत्