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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.274
(31 verses)
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Sanskrit Text
नेयं
माया
नरव्याघ्र
रावणस्य
दुरात्मनः
।
तदातिष्ठ
रथं
शीघ्रमिममैन्द्रं
महाद्युते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एते | रथा | नर + व्याघ्र | सर्व + शस्त्र + समन्वित
तद् | आतिष्ठ | रथं | शीघ्रम् | इमम् | ऐन्द्रं | महत् + द्युति
तद् | आतिष्ठ | रथं | शीघ्रम् | इमम् | ऐन्द्रं | महत् + द्युति