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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.262
(41 verses)
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Sanskrit Text
अप्यहं
शस्त्रमादाय
हन्यामात्मानमात्मना
।
पतेयं
गिरिशृङ्गाद्वा
विशेयं
वा
हुताशनम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अपि + मद् | शस्त्रम् | आदाय | हन्याम् | आत्मानम् | आत्मना
पतेयं | गिरि + शृङ्ग | वा | विशेयं | वा | हुताशनम्
पतेयं | गिरि + शृङ्ग | वा | विशेयं | वा | हुताशनम्