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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.26
(18 verses)
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Sanskrit Text
स
चापि
राजा
सह
लक्ष्मणेन;
वने
निवासं
पितुरेव
शासनात्
।
धन्वी
चरन्पार्थ
पुरा
मयैव;
दृष्टो
गिरेरृष्यमूकस्य
सानौ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | च + अपि | राजा | सह | लक्ष्मणेन | वने | निवासं | पितुर् | एव | शासनात्
धन्वी | चरन् | पार्थ | पुरा | मद् + एव | दृष्टो | गिरेर् | ऋष्यमूकस्य | सानौ
धन्वी | चरन् | पार्थ | पुरा | मद् + एव | दृष्टो | गिरेर् | ऋष्यमूकस्य | सानौ