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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.26
(18 verses)
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Sanskrit Text
अलर्कमाहुर्नरवर्य
सन्तं;
सत्यव्रतं
काशिकरूषराजम्
।
विहाय
राष्ट्राणि
वसूनि
चैव;
नेशे
बलस्येति
चरेदधर्मम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अलर्कम् | आहुर् | नर + वर्य | सन्तं | सत्य + व्रत | काशि + करूष + राज
विहाय | भोगान् | अचरद् | वनेषु | न + ईश् | बल + इति | चरेद् | अधर्मम्
विहाय | भोगान् | अचरद् | वनेषु | न + ईश् | बल + इति | चरेद् | अधर्मम्