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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.26
(18 verses)
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Sanskrit Text
नृपाश्च
नाभागभगीरथादयो;
महीमिमां
सागरान्तां
विजित्य
।
सत्येन
तेऽप्यजयंस्तात
लोका;न्नेशे
बलस्येति
चरेदधर्मम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
नृपाश् | च | नाभाग + भगीरथ + आदि | महीम् | इमां | सागर + अन्त | विजित्य
सत्येन | ते | अपि + जि | तात | लोक + न + ईश् | बल + इति | चरेद् | अधर्मम्
सत्येन | ते | अपि + जि | तात | लोक + न + ईश् | बल + इति | चरेद् | अधर्मम्