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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.253
(26 verses)
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Sanskrit Text
कस्याद्य
कायं
प्रतिभिद्य
घोरा;
महीं
प्रवेक्ष्यन्ति
शिताः
शराग्र्याः
।
मा
त्वं
शुचस्तां
प्रति
भीरु
विद्धि;
यथाद्य
कृष्णा
पुनरेष्यतीति
।
निहत्य
सर्वान्द्विषतः
समग्रा;न्पार्थाः
समेष्यन्त्यथ
याज्ञसेन्या
॥
English Translation
Do not weep for her, O timid girl; know that Krishna shall come back even this very day. Having slain all their enemies the sons of Pritha shall be united with Yajnaseni."
Padaccheda (Word Analysis)
क + अद्य | कायं | प्रतिभिद्य | घोरा | महीं | प्रवेक्ष्यन्ति | शिताः | शर + अग्र्य
मा | त्वं | शुचस् | तां | प्रति | भीरु | विद्धि | यथा + अद्य | कृष्णा | पुनर् | इ + इति
निहत्य | सर्वान् | द्विषतः | समग्रान् | पार्थाः | समि + अथ | याज्ञसेन्या
मा | त्वं | शुचस् | तां | प्रति | भीरु | विद्धि | यथा + अद्य | कृष्णा | पुनर् | इ + इति
निहत्य | सर्वान् | द्विषतः | समग्रान् | पार्थाः | समि + अथ | याज्ञसेन्या