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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.221
(80 verses)
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Sanskrit Text
तमुग्रपाशो
वरुणो
भगवान्सलिलेश्वरः
।
परिवार्य
शनैर्याति
यादोभिर्विविधैर्वृतः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तम् | उग्र + पाश | वरुणो | भगवान् | सलिल + ईश्वर
परिवार्य | शनैर् | याति | यादोभिर् | विविधैर् | वृतः
परिवार्य | शनैर् | याति | यादोभिर् | विविधैर् | वृतः