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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.217
(14 verses)
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Sanskrit Text
भवेम
सर्वलोकस्य
वयं
मातर
उत्तमाः
।
प्रसादात्तव
पूज्याश्च
प्रियमेतत्कुरुष्व
नः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भवेम | सर्व + लोक | वयं | मातर | उत्तमाः
प्रसादात् | तव | पूज्याश् | च | प्रियम् | एतत् | कुरुष्व | नः
प्रसादात् | तव | पूज्याश् | च | प्रियम् | एतत् | कुरुष्व | नः