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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.2
(79 verses)
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Sanskrit Text
पितृमातृमयी
सिद्धिः
प्राप्ता
कर्ममयी
च
ते
।
तपसा
सिद्धिमन्विच्छ
द्विजानां
भरणाय
वै
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पितृ + मातृ + मय | सिद्धिः | प्राप्ता | कर्मन् + मय | च | ते
तपसा | सिद्धिम् | अन्विच्छ | योग + सिद्धि | च | भारत
तपसा | सिद्धिम् | अन्विच्छ | योग + सिद्धि | च | भारत