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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.2
(79 verses)
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Sanskrit Text
तथा
त्वमपि
कौन्तेय
शममास्थाय
पुष्कलम्
।
तपसा
सिद्धिमन्विच्छ
योगसिद्धिं
च
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तथा | त्वम् | अपि | कौन्तेय | शमम् | आस्थाय | पुष्कलम्
तपसा | सिद्धिम् | अन्विच्छ | योग + सिद्धि | च | भारत
तपसा | सिद्धिम् | अन्विच्छ | योग + सिद्धि | च | भारत