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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.2
(79 verses)
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Sanskrit Text
विप्रयोगे
न
तु
त्यागी
दोषदर्शी
समागमात्
।
विरागं
भजते
जन्तुर्निर्वैरो
निष्परिग्रहः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
विप्रयोगे | न | तु | त्यागी | दोष + दर्शिन् | समागमात्
विरागं | भजते | जन्तुर् | निर्वैरो | निष्परिग्रहः
विरागं | भजते | जन्तुर् | निर्वैरो | निष्परिग्रहः