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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.198
(94 verses)
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Sanskrit Text
प्रविश्य
स
पुरीं
रम्यां
विमानैर्बहुभिर्वृताम्
।
पण्यैश्च
बहुभिर्युक्तां
सुविभक्तमहापथाम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
प्रविश्य | तां | पुरीं | रम्यां | देव + गन्धर्व + सेव्
पण्यैश् | च | बहुभिर् | युक्तां | सुविभक्त + महापथ
पण्यैश् | च | बहुभिर् | युक्तां | सुविभक्त + महापथ