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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.183
(32 verses)
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Sanskrit Text
जानामि
नाहं
मुह्यामि
त्वं
विवक्षुर्विमुह्यसे
।
स्तोष्यसेऽभ्युदयप्रेप्सुस्तस्य
दर्शनसंश्रयात्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
जानामि | न + मद् | मुह्यामि | त्वं | विवक्षुर् | विमुह्यसे
स्तोष्यसे | अभ्युदय + प्रेप्सु | तस्य | दर्शन + संश्रय
स्तोष्यसे | अभ्युदय + प्रेप्सु | तस्य | दर्शन + संश्रय