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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.18
(24 verses)
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Sanskrit Text
तस्य
वर्म
विभिद्याशु
स
बाणो
मत्सुतेरितः
।
बिभेद
हृदयं
पत्री
स
पपात
मुमोह
च
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तस्य | वर्म | विभिद् + आशु | स | बाणो | मद् + सुत + ईरय्
बिभेद | हृदयं | पत्त्री | स | पपात | मुमोह | च
बिभेद | हृदयं | पत्त्री | स | पपात | मुमोह | च