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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.18
(24 verses)
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Sanskrit Text
उच्छ्रित्य
मकरं
केतुं
व्यात्ताननमलंकृतम्
।
उत्पतद्भिरिवाकाशं
तैर्हयैरन्वयात्परान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
उच्छ्रित्य | मकरं | केतुं | व्यात्त + आनन | अलंकृतम्
उत्पतद्भिर् | इव + आकाश | तैर् | हयैर् | अन्वयात् | परान्
उत्पतद्भिर् | इव + आकाश | तैर् | हयैर् | अन्वयात् | परान्