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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.18
(24 verses)
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Sanskrit Text
ततो
बाणमयं
वर्षं
व्यसृजत्तरसा
रणे
।
प्रद्युम्नो
भुजवेगेन
शाल्वं
संमोहयन्निव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | बाण + मय | वर्षं | व्यसृजत् | तरसा | रणे
प्रद्युम्नो | भुज + वेग | शाल्वं | संमोहयन्न् | इव
प्रद्युम्नो | भुज + वेग | शाल्वं | संमोहयन्न् | इव