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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.178
(50 verses)
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Sanskrit Text
सत्यं
दमस्तपो
योगमहिंसा
दाननित्यता
।
साधकानि
सदा
पुंसां
न
जातिर्न
कुलं
नृप
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सत्यं | दमस् | तपो | योगम् | अहिंसा | दान + नित्यता
साधकानि | सदा | पुंसां | न | जातिर् | न | कुलं | नृप
साधकानि | सदा | पुंसां | न | जातिर् | न | कुलं | नृप