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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.17
(33 verses)
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Sanskrit Text
स
विविन्ध्याय
सक्रोधः
समाहूय
महारथः
।
चिक्षेप
मे
सुतो
राजन्स
गतासुरथापतत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | विविन्ध्याय | स + क्रोध | समाहूय | महत् + रथ
चिक्षेप | मे | सुतो | राजन् | स | गतासुर् | अथ + पत्
चिक्षेप | मे | सुतो | राजन् | स | गतासुर् | अथ + पत्