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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.155
(90 verses)
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Sanskrit Text
सुखोदर्कमिमं
क्लेशमचिराद्भरतर्षभ
।
क्षत्रधर्मेण
धर्मज्ञ
तीर्त्वा
गां
पालयिष्यसि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सुख + उदर्क | इमं | क्लेशम् | अचिराद् | भरत + ऋषभ
क्षत्र + धर्म | धर्म + ज्ञ | तीर्त्वा | गां | पालयिष्यसि
क्षत्र + धर्म | धर्म + ज्ञ | तीर्त्वा | गां | पालयिष्यसि