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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.155
(90 verses)
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Sanskrit Text
तत्र
गाण्डीवधन्वानमवाप्तास्त्रमरिंदमम्
।
देवलोकादिमं
लोकं
द्रक्ष्यामः
पुनरागतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तत्र | गाण्डीवधन्वानम् | अवाप् + अस्त्र | अरिंदमम्
अगदं | वो | ऽस्तु | भद्रं | वो | द्रक्ष्यामि | पुनर् + आगम्
अगदं | वो | ऽस्तु | भद्रं | वो | द्रक्ष्यामि | पुनर् + आगम्