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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.154
(61 verses)
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Sanskrit Text
गृहीत्वा
सर्वशस्त्राणि
द्रौपदीं
परिगृह्य
च
।
प्रातिष्ठत
स
दुष्टात्मा
त्रीन्गृहीत्वा
च
पाण्डवान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
गृहीत्वा | सर्व + शस्त्र | द्रौपदीं | परिगृह्य | च
प्रातिष्ठत | स | दुष् + आत्मन् | त्रीन् | गृहीत्वा | च | पाण्डवान्
प्रातिष्ठत | स | दुष् + आत्मन् | त्रीन् | गृहीत्वा | च | पाण्डवान्