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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.146
(81 verses)
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Sanskrit Text
संस्मरन्विविधान्क्लेशान्दुर्योधनकृतान्बहून्
।
द्रौपद्या
वनवासिन्याः
प्रियं
कर्तुं
समुद्यतः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
संस्मरन् | विविधान् | क्लेशान् | दुर्योधन + कृ | बहून्
द्रौपद्या | वन + वासिन् | प्रियं | कर्तुं | समुद्यतः
द्रौपद्या | वन + वासिन् | प्रियं | कर्तुं | समुद्यतः