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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.145
(43 verses)
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Sanskrit Text
ददृशुस्तां
च
बदरीं
वृत्तस्कन्धां
मनोरमाम्
।
स्निग्धामविरलच्छायां
श्रिया
परमया
युताम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ददृशुस् | तां | च | बदरीं | वृत्त + स्कन्ध | मनोरमाम्
तेजसा | यशसा | स्थित्या | श्रिया | च | परया | युता
तेजसा | यशसा | स्थित्या | श्रिया | च | परया | युता